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दूजा विरोध खुद सब उत्कृष्ट ध्यान जश्न हे आर्य वीरों! जागो ज्ञान न हो दिल दास्तां जितना चाह मृग मरीचिका हो वो जश्न कोई मना न सके जज्बात कोई सके

Hindi कोई बहला सके हमें न Poems